शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने लाहौर के एक सावर्जनिक कार्यक्रम में बोलते हुए नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भारत को निशाने पर लिया.
नसीर ने कहा था कि उन्हें अपनी औलाद को लेकर चिंता होती है कि कोई उनसे ये न पूछ दे कि हिन्दू हो या मुसलमान. नसीर भारत में बढ़ रही उस भीड़ की ओर इशारा कर रहे थे जो हाल के दिनों में क़ानून-व्यवस्था अपने हाथों में ले ले रही है.
इमरान ख़ान ने नसीर की चिंता पर कहा कि जिन्ना ने ठीक ही कहा था कि वो भारत में नहीं रहना चाहते हैं क्योंकि मुसलमानों को बराबर का अधिकार नहीं मिलेगा.
इमरान ख़ान की इस टिप्पणी पर नसीरुद्दीन शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इंडियन एक्सप्रेस अख़बार से कहा, ''इस मुद्दे पर टिप्पणी करने के बजाय इमरान ख़ान को अपने मुल्क पर ध्यान देना चाहिए. हमारे देश में 70 सालों से लोकतंत्र है और हमें पता है कि इन मुद्दों को कैसे सुलझाना है.''
आप विधायक अलका लांबा का इस्तीफ़ा नहीं
आम आदमी पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से जुड़े विवाद के बाद अब आम आदमी पार्टी बचाव की मुद्रा में आ गई है.
हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित समाचार के अनुसार राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के मुद्दे पर शुरू हुआ विवाद अधिक बढ़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने अपनी ओर से सफ़ाई दी है.
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल ने कहा है कि सिख दंगों से जुड़े प्रस्ताव में राजीव गांधी का ज़िक्र नहीं था. वहीं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने आप विधायक अलका लांबा के इस्तीफ़े के संबंध में कहा है कि वे पार्टी की सदस्य बनी रहेंगी.
सिसोदिया ने यह भी बताया कि विधानसभा प्रस्ताव में अंतिम लाइन विधायक सोमनाथ भारती ने लिखी थी. यह लाइन पहले से प्रस्ताव में शामिल नहीं थी. इसे लेकर सदन में मतदान भी नहीं हुआ. अलका लांबा ने भी इस संबंध में ट्वीट किया है.
हिंदुस्तान अखबार में प्रकाशित ख़बर में बताया गया है कि एक आदमी की सिगरेट पीने की ज़िद ने रनवे पर विमान को लौटने पर मजबूर कर दिया.
यह वाक़या दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का है. जहां कोलकाता जा रहे एक विमान ने जब रनवे पर गति पकड़ी तो एक यात्री ने सिगरेट पीने की इच्छा जाहिर की.
क्रू मेंबर ने यात्री को मना किया लेकिन वे अपनी ज़िद पर अड़े रहे. बाद में साथी यात्रियों को परेशान करने लगे जिसके बाद विमान को वापस दिल्ली की तरफ मोड़ दिया गया और उस यात्री की यात्रा निरस्त कर दी गई.
Sunday, December 23, 2018
Wednesday, December 12, 2018
人权运动70年 理想和现实 历史与当下
《世界人权宣言》1948年问世,12月10日定为国际人权日。官方和民间的庆祝活动之外,本国或其他国家侵犯人权的案例会更显著地见诸媒体,但如果拿着纸上30条权利对照现实,差距不言自明。
那么,人权作为现代文明的基本理念,在过去70年来走过的是一条什么样的路?人类对这个天赋之权的认识和尊重是进步了还是倒退了?
无知和藐视
对人权的无知和藐视,是导致人类遭受包括两次世界大战在内的各种苦难、人权受到各种形式侵犯的根本原因之一。
《世界人权宣言》草案第一稿如此开篇。写下这句话的是法国律师勒内•卡森(René Cassin)。他是犹太人,有很多亲人在纳粹集中营里丧生,战后受命牵头起草这份具有奠基石性质的文件。
1941年,美国时任总统罗斯福和英国时任首相丘吉尔在一艘停泊在加拿大纽芬兰海域的军舰上起草了《大西洋宪章》(又称《罗斯福丘吉尔声明》),就战后共建新世界订立了一套共同遵守的原则,涉及治国纲领和政策。
《宪章》逐条写明的新世界基本原则包括杜绝战争,除非是自卫或得到联合国安理会授权,还有各国独立自治自决,倡导和促进自由贸易,还有保护人权。最后这一点写在宪章第六条中。
二战结束后成立了联合国,制定并发布了《联合国宪章》,又提到了人权。不过,《联合国宪章》草案的第一稿中,人权只露了一面。
1948年,全世界仍在努力从第二次世界大战的废墟中重现站起来,新的国际秩序和世界格局正在成型。是年12月10日,《世界人权宣言》在巴黎夏乐宫发布。
从《大西洋宪章》到《世界人权宣言》,再到1993年联合国设立人权事务高级专员公署,近80年的世界风云,潮起潮落,国际时政的语言体系中始终有人权的位置。
战后前几年,人们对血与火的残酷记忆犹新,致力于保护未来的和平与美好是一个共识。随着时间流逝,关于战争和死亡的记忆在和平岁月中逐渐淡化,当年拟定宣言时对人权及其意义的认识和解读,也逐渐虚入背景。
那么,人权作为现代文明的基本理念,在过去70年来走过的是一条什么样的路?人类对这个天赋之权的认识和尊重是进步了还是倒退了?
无知和藐视
对人权的无知和藐视,是导致人类遭受包括两次世界大战在内的各种苦难、人权受到各种形式侵犯的根本原因之一。
《世界人权宣言》草案第一稿如此开篇。写下这句话的是法国律师勒内•卡森(René Cassin)。他是犹太人,有很多亲人在纳粹集中营里丧生,战后受命牵头起草这份具有奠基石性质的文件。
1941年,美国时任总统罗斯福和英国时任首相丘吉尔在一艘停泊在加拿大纽芬兰海域的军舰上起草了《大西洋宪章》(又称《罗斯福丘吉尔声明》),就战后共建新世界订立了一套共同遵守的原则,涉及治国纲领和政策。
《宪章》逐条写明的新世界基本原则包括杜绝战争,除非是自卫或得到联合国安理会授权,还有各国独立自治自决,倡导和促进自由贸易,还有保护人权。最后这一点写在宪章第六条中。
二战结束后成立了联合国,制定并发布了《联合国宪章》,又提到了人权。不过,《联合国宪章》草案的第一稿中,人权只露了一面。
1948年,全世界仍在努力从第二次世界大战的废墟中重现站起来,新的国际秩序和世界格局正在成型。是年12月10日,《世界人权宣言》在巴黎夏乐宫发布。
从《大西洋宪章》到《世界人权宣言》,再到1993年联合国设立人权事务高级专员公署,近80年的世界风云,潮起潮落,国际时政的语言体系中始终有人权的位置。
战后前几年,人们对血与火的残酷记忆犹新,致力于保护未来的和平与美好是一个共识。随着时间流逝,关于战争和死亡的记忆在和平岁月中逐渐淡化,当年拟定宣言时对人权及其意义的认识和解读,也逐渐虚入背景。
Sunday, December 9, 2018
भारतीय अमीरों में विदेशी नागरिकता ख़रीदने की होड़
भारत में आर्थिक अपराधों में वांछित उद्योगपति मेहुल चोकसी के एंटीगा की नागरिकता ख़रीदने के बाद से अन्य भारतीय अमीरों की विदेशी नागरिकता ख़रीदने में दिलचस्पी बढ़ी है.
'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक दुनिया भर में सबसे ज़्यादा चीनी और रूसी उद्योगपति विदेशी नागरिकता ख़रीदने के मामले में आगे थे, लेकिन अब भारतीय अमीरों की रूची इसमें बढ़ गई है.
मेहुल चोकसी ने भारत से फ़रार होने के बाद नवंबर 2017 में एंटीगा की नागरिकता हासिल कर ली थी.
विदेशी नागरिकता और निवेश के ज़रिए नागरिकता परमिट दिलाने का काम करने वाली ब्रिटेन स्थित सलाहकार फ़र्म्स का कहना है कि चोकसी के प्रकरण के बाद से भारतीय अमीरों की दिलचस्पी इसमें बढ़ी है.
आख़िर विदेशों में बसने के लिए भारतीय इतने उतावले क्यों हैं? अख़बार लिखता है कि चीन और रूस की तरह ही भारतीय भी लाइफ़स्टाइल, शिक्षा, परिवहन, शुद्ध हवा और स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए ऐसा करना चाहते हैं.
हालांकि ऐसी फ़र्म्स ये भी दावा करती हैं कि वो नागरिकता के लिए किसी व्यक्ति का नाम उसके बैकग्राउंड की पूरी छानबीन करने के बाद करती हैं.
इनका ये भी कहना है कि एक बार नागरिकता मिलने के बाद इसके रद्द किए जाने की संभावना बहुत कम होती है.
सिर्फ़ राजनीति से निकलेगा कश्मीर का समाधान
'द इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारी लेफ़्टिनेंट जनरल अमिल कुमार भट्ट ने कहा है कि कश्मीर में सेना की भूमिका सीमित है और इस मुद्दे का समाधान सिर्फ़ राजनीति से ही निकल सकता है.
उन्होंने कहा कि अच्छा प्रशासन और वाजपेयी युग में जो राजनीतिक प्रयास हुए थे वही कश्मीर में शांति ला सकते हैं.
भट्ट ने कहा कि सेना सिर्फ़ हालात को समान्य करने की परिस्थितियां पैदा कर सकती है. इसके आगे राजनीतिक स्तर पर ही सुधार लाया जा सकता है.
पेलेट गन की शिकार हिबा का दूसरा ऑपरेशन होगा
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर के शोपियां में प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन की शिकार हुई 17 महीने की हिबा की आंख का दूसरा ऑपरेशन किया जाएगा.
इस बच्ची की दाहिनी आंख पेलेट गन से ज़ख़्मी हो गई थी. वो श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में भर्ती है.
हिबा दस दिन पहले पेलेट की शिकार हुईं थीं और तबसे ही वो श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती हैं.
अभी ये साफ़ नहीं है कि वो अपनी दाहिनी आंख से देख पा रहीं हैं या नहीं या कभी देख पाएंगी या नहीं. परिवार को उम्मीद है कि वो पूरी तरह ठीक हो जाएंगी.
'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक दुनिया भर में सबसे ज़्यादा चीनी और रूसी उद्योगपति विदेशी नागरिकता ख़रीदने के मामले में आगे थे, लेकिन अब भारतीय अमीरों की रूची इसमें बढ़ गई है.
मेहुल चोकसी ने भारत से फ़रार होने के बाद नवंबर 2017 में एंटीगा की नागरिकता हासिल कर ली थी.
विदेशी नागरिकता और निवेश के ज़रिए नागरिकता परमिट दिलाने का काम करने वाली ब्रिटेन स्थित सलाहकार फ़र्म्स का कहना है कि चोकसी के प्रकरण के बाद से भारतीय अमीरों की दिलचस्पी इसमें बढ़ी है.
आख़िर विदेशों में बसने के लिए भारतीय इतने उतावले क्यों हैं? अख़बार लिखता है कि चीन और रूस की तरह ही भारतीय भी लाइफ़स्टाइल, शिक्षा, परिवहन, शुद्ध हवा और स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए ऐसा करना चाहते हैं.
हालांकि ऐसी फ़र्म्स ये भी दावा करती हैं कि वो नागरिकता के लिए किसी व्यक्ति का नाम उसके बैकग्राउंड की पूरी छानबीन करने के बाद करती हैं.
इनका ये भी कहना है कि एक बार नागरिकता मिलने के बाद इसके रद्द किए जाने की संभावना बहुत कम होती है.
सिर्फ़ राजनीति से निकलेगा कश्मीर का समाधान
'द इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारी लेफ़्टिनेंट जनरल अमिल कुमार भट्ट ने कहा है कि कश्मीर में सेना की भूमिका सीमित है और इस मुद्दे का समाधान सिर्फ़ राजनीति से ही निकल सकता है.
उन्होंने कहा कि अच्छा प्रशासन और वाजपेयी युग में जो राजनीतिक प्रयास हुए थे वही कश्मीर में शांति ला सकते हैं.
भट्ट ने कहा कि सेना सिर्फ़ हालात को समान्य करने की परिस्थितियां पैदा कर सकती है. इसके आगे राजनीतिक स्तर पर ही सुधार लाया जा सकता है.
पेलेट गन की शिकार हिबा का दूसरा ऑपरेशन होगा
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर के शोपियां में प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन की शिकार हुई 17 महीने की हिबा की आंख का दूसरा ऑपरेशन किया जाएगा.
इस बच्ची की दाहिनी आंख पेलेट गन से ज़ख़्मी हो गई थी. वो श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में भर्ती है.
हिबा दस दिन पहले पेलेट की शिकार हुईं थीं और तबसे ही वो श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती हैं.
अभी ये साफ़ नहीं है कि वो अपनी दाहिनी आंख से देख पा रहीं हैं या नहीं या कभी देख पाएंगी या नहीं. परिवार को उम्मीद है कि वो पूरी तरह ठीक हो जाएंगी.
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