सपा नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मौजूदा सरकार पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है नफरत को फैलाने वाले शराब और सराब का अंतर नहीं जानते.
इससे पहले गुरुवार को ही मेरठ में आयोजित भाजपा की एक चुनावी रैली में मोदी ने कहा था, "यहां पर महामिलावट में भी कौन ज़्यादा मिलावट करता है इस पर भी स्पर्धा लग गई. एक तरफ सपा, बसपा और आरएलडी यहां पर आए."
उन्होंने कहा, "अब इसको अलग तरीके से देखिए. सपा का 'स' आरएलडी का 'र' और बसपा का 'ब' - मतलब 'सराब'. अच्छी सेहत के लिए सराब से बचना चाहिए या नहीं बचना चाहिए.... ये सराब आपको बर्बाद कर देगी."
इसके जवाब में अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा, "आज टेली-प्रॉम्प्टर ने यह पोल खोल दी कि सराब और शराब का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफ़रत के नशे को बढ़ावा देते हैं. सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला-सा सपना है जो भाजपा 5 साल से दिखा रही है लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता. अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया सराब दिखा रहे हैं."
वहीं लालू सिंह यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने लिखा, "धत! 5 साल में 'स' और 'श' का अंतर नहीं सीखा! लो हम सिखाते हैं- शाह का श, राजनाथ का र और बुड़बक बीजेपी का ब! बन गया शराबबंदी में धड़ल्ले से बिकता गुजराती शराब!"
बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गईं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली.
ऐसा कहा जा रहा है कि उर्मिला को उत्तर मुंबई सीट से कांग्रेस की उम्मीदवारी दी जा सकती है.
वहीं भोजपुरी फ़िल्मों के स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ 'निरहुआ' ने बीजेपी का दामन पकड़ लिया है. ऐसी अटकलें हैं कि उन्हें आज़मगढ़ से टिकट दिया जा सकता है.
इसके मुताबिक वरुण गांधी पीलीभीत से चुनाव लड़ेंगे. जबकि सुल्तानपुर से उनकी मां मेनका गांधी को उम्मीदवार बनाया गया है.
इलाहाबाद से रीता बहुगुणा जोशी को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया गया है.
डुमरियागंज से जगदंबिका पाल और कानपुर से सत्यदेव पचौरी को उम्मीदवार बनाया गया है. कानपुर से मुरली मनोहर जोशी का टिकट काट दिया गया.
जया प्रदा को रामपुर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी. वे आजम खान को चुनौती देंगी. जया प्रदा दो बार सांसद रह चुकी हैं.
गाजीपुर से मनोज सिन्हा बीजेपी के उम्मीदवार होंगे जबकि चंदौली से महेंद्र नाथ पांडेय को टिकट मिला है.
पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को धन्यवाद कहा.
उन्होंने कहा, "यह मेरे जीवन का अहम पल है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से प्रभावित हूं और उनके मिशन को आगे बढ़ाऊंगी. उनके हाथ में यह देश सुरक्षित है."
जयाप्रदा इससे पहले तेलगु देशम पार्टी और समाजवादी पार्टी से जुड़ी रही थीं.
यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वो रामपुर से चुनाव लड़ सकती हैं. वो इस सीट से दो बार सांसद रह चुकी हैं.
अगर ऐसा होता है तो रामपुर का मुक़ाबला दिलचस्प हो सकता है क्योंकि समाजवादी पार्टी ने वहाँ से वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान को अपना उम्मीदवार बनाया है.
लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन के अंतिम दिन कई हाईप्रोफ़ाइल उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भरे.
इनमें मथुरा से हेमामालिनी (मथुरा), महेश शर्मा (गौतम बुद्ध नगर), नसीमुद्दीन सिद्दीकी (बिजनौर), कांग्रेस नेता राजबब्बर (फतेहपुर सीकरी), जनरल वीके सिंह (गाजियाबाद), चिराग पासवान (जमुई), फारूख अब्दुल्ला (श्रीनगर) आदि ने नामांकन पत्र भरे.
इसके अलावा कांग्रेस से इमरान मसूद (सहारनपुर), सपा की ओर से तब्बसुम हसन (कैराना), मेरठ से बसपा की ओर से हाजी मोहम्मद याक़ूब आदि का नाम शामिल है.
इसके अलावा दूसरे और तीसरे चरण के लिए आज नामांकन भरने वालों में नागपुर से नितिन गडकरी, शिवगंगा से कार्ति चिदंबरम, कटक से बीजेपी उम्मीदवार ओडिशा के पूर्व डीजीपी प्रकाश मिश्रा आदि रहे.
उत्तराखंड में बीजेपी की ओर से हरिद्वार से रमेश पोखरियाल निशंक और अल्मोड़ा पिथौरा गढ़ से अजय टमटा ने नामांकन भरा.
पहले चरण के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख़ 28 मार्च है और 11 अप्रैल को 20 राज्यों में मतदान होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा है कि एक लोकसभा क्षेत्र में एक से अधिक पोलिंग स्टेशन पर ईवीएम ऑडिट क्यों नहीं किया जा सकता है.
कोर्ट ने इस बारे में आयोग से गुरुवार तक एफिडेविट दायर करने को कहा है. अगली सुनवाई सोमवार को होगी.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कोर्ट एक से अधिक पोलिंग स्टेशन पर वीवीपैट से वोटों के मिलान के पक्ष में है.
21 विपक्षी पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि कम से कम 50 फीसदी वोटों का मिलान वीवीपैट की पर्ची से की जाए. फिलहाल किसी एक पोलिंग स्टेशन के वोटों का मिलान वीवीपैट से की जाती है.
Thursday, March 28, 2019
Friday, March 22, 2019
लोकसभा चुनाव 2019: मोदी वाराणसी से, शाह गांधीनगर से, लेकिन आडवाणी का नाम नहीं
गुरुवार देर शाम बीजेपी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के केंद्रीय चुनाव समीति के सचिव जेपी नड्डा ने 184 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की. नामों की घोषणा से पहले क़यास लगाए जा रहे थे कि इस बार बीजेपी के कई बड़े नामों को उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा.
और जैसे ही जेपी नड्डा ने नाम पढ़ना शुरू किया सबसे चौंकाने वाला नाम था भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का. अमित शाह गांधीनगर से चुनाव लड़ेंगे.
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी फ़िलहाल गांधीनगर से सांसद हैं. शाह फ़िलहाल राज्य सभा सांसद हैं और वो पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.
इस लिस्ट में आडवाणी का नाम नहीं है. नड्डा ने इस बारे में कुछ भी नहीं बताया लेकिन इससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि आडवाणी की टिकट कट गई है. इस पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया है..
उत्तर प्रदेश में कुल 80 सीटें हैं लेकिन पहली लिस्ट में सिर्फ़ 28 नामों की घोषणा की गई है. इस लिस्ट के अनुसार भाजपा ने अपने छह मौजूदा सांसदों की टिकट काट दी है.
इसमें वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी का भी नाम नहीं है. इसका मतलब है कि उनकी भी टिकट कट गई है.
लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट एकबार फिर वाराणसी ही होगी. भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ़ रावण ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि वो वाराणसी से मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस और दूसरी पार्टियों से समर्थन की अपील करेंगे. हाल ही में कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तरप्रदेश की इंचार्ज सोनिया गांधी ने अस्पताल में बीमार रावण से मुलाक़ात की थी. उसी के बाद से रावण के चुनाव लड़ने की बात उठी थी.
लखनऊ से गृहमंत्री राजनाथ सिंह, अमेठी से स्मृति ईरानी, ग़ाज़ियाबाद से विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह चुनाव लड़ेंगे.
अमेठी में स्मृति ईरानी के सामने होंगे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी. हेमा मालिनी मथुरा से ही चुनाव लड़ेंगी.
केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा नोएडा से ही चुनाव लड़ेंगे. यूपी से सांसद वरुण गांधी और मेनका गांधी का नाम भी इस लिस्ट में नहीं है. वरुण सुलतानपुर से और मेनका गांधी पीलीभीत से सांसद हैं.
बीजेपी को नज़दीक से जानने वालों का कहना है कि मेनका गांधी पीलीभीत से चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं और वरुण को वो पीलीभीत से खड़ा करना चाहती हैं. हो सकता है अगली लिस्ट में इन दोनों का नाम आए.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नागपुर से ही चुनाव लड़ेंगे.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सीटों के बंटवारे में विधानसभा चुनावों के परिणामों का भी ख़ास ध्यान रखा गया है और प्रदर्शन को आधार बनाया गया है.
बिहार के नामों की घोषणा नहीं की गई.
बिहार में बीजेपी 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. जेपी नड्डा ने बताया कि केंद्रीय चुनाव समीति ने बिहार के सभी 17 नामों को हरी झंडी दिखा दी है लेकिन बिहार एनडीए इन नामों की घोषणा करेगी.
और जैसे ही जेपी नड्डा ने नाम पढ़ना शुरू किया सबसे चौंकाने वाला नाम था भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का. अमित शाह गांधीनगर से चुनाव लड़ेंगे.
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी फ़िलहाल गांधीनगर से सांसद हैं. शाह फ़िलहाल राज्य सभा सांसद हैं और वो पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.
इस लिस्ट में आडवाणी का नाम नहीं है. नड्डा ने इस बारे में कुछ भी नहीं बताया लेकिन इससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि आडवाणी की टिकट कट गई है. इस पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया है..
उत्तर प्रदेश में कुल 80 सीटें हैं लेकिन पहली लिस्ट में सिर्फ़ 28 नामों की घोषणा की गई है. इस लिस्ट के अनुसार भाजपा ने अपने छह मौजूदा सांसदों की टिकट काट दी है.
इसमें वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी का भी नाम नहीं है. इसका मतलब है कि उनकी भी टिकट कट गई है.
लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट एकबार फिर वाराणसी ही होगी. भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ़ रावण ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि वो वाराणसी से मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस और दूसरी पार्टियों से समर्थन की अपील करेंगे. हाल ही में कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तरप्रदेश की इंचार्ज सोनिया गांधी ने अस्पताल में बीमार रावण से मुलाक़ात की थी. उसी के बाद से रावण के चुनाव लड़ने की बात उठी थी.
लखनऊ से गृहमंत्री राजनाथ सिंह, अमेठी से स्मृति ईरानी, ग़ाज़ियाबाद से विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह चुनाव लड़ेंगे.
अमेठी में स्मृति ईरानी के सामने होंगे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी. हेमा मालिनी मथुरा से ही चुनाव लड़ेंगी.
केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा नोएडा से ही चुनाव लड़ेंगे. यूपी से सांसद वरुण गांधी और मेनका गांधी का नाम भी इस लिस्ट में नहीं है. वरुण सुलतानपुर से और मेनका गांधी पीलीभीत से सांसद हैं.
बीजेपी को नज़दीक से जानने वालों का कहना है कि मेनका गांधी पीलीभीत से चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं और वरुण को वो पीलीभीत से खड़ा करना चाहती हैं. हो सकता है अगली लिस्ट में इन दोनों का नाम आए.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नागपुर से ही चुनाव लड़ेंगे.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सीटों के बंटवारे में विधानसभा चुनावों के परिणामों का भी ख़ास ध्यान रखा गया है और प्रदर्शन को आधार बनाया गया है.
बिहार के नामों की घोषणा नहीं की गई.
बिहार में बीजेपी 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. जेपी नड्डा ने बताया कि केंद्रीय चुनाव समीति ने बिहार के सभी 17 नामों को हरी झंडी दिखा दी है लेकिन बिहार एनडीए इन नामों की घोषणा करेगी.
Thursday, March 14, 2019
#facebookDown फ़ेसबुक डाउन होने से यूज़र परेशान, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप भी प्रभावित
सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वाले लोगों बुधवार रात को समस्या से जूझना पड़ा.
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फ़ेसबुक समूह के इन तीनों प्लैटफॉर्म्स को इस्तेमाल करने वाले कई यूज़र्स ने फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के सही ढंग से काम न करने की शिकायत की है.
अभी भी समस्या पूरी तरह से हल नहीं हुई है और लोग अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर इस बारे में लिख और पोस्ट कर रहे हैं.
फ़ेसबुक ने माना है कि कुछ लोगों को फ़ेसबुक के एप्लिकेशंस को इस्तेमाल करने में दिक्कत हो ही है.
फ़ेसबुक की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है, "हम अवगत हैं कि कुछ लोगों को फ़ेसबुक से जुड़े एप्स को इस्तेमाल करने में दिक्क्त हो रही है. हम यथाशीघ्र इस समस्या को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं."
बता दें कि फ़ोटो और वीडियो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम और मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप का मालिकाना हक फ़ेसबुक के पास ही है.
क्या है दिक्कत
ऐसा नहीं है कि पूरी तरह ही लोग फ़ेसबुक को इस्तेमाल नहीं कर पाए. शुरू में तो फ़ेसबुक यूज़र्स ने शिकायत की कि उन्हें फ़ेसबुक इस्तेमाल करने में दिक्कत हो रही है.
कुछ लोग लॉगइन नहीं कर पाए, कुछ लोगों की न्यूज़ फ़ीड ख़ाली थी तो कुछ पेज और प्रोफ़ाइल्स एक्सेस नहीं हो पा रही थीं.
यह समस्या स्मार्टफ़ोन एप्स पर ही नहीं बल्कि डेस्कटॉप ब्राउज़र्स पर भी देखी गई.
बाद में यूज़र्स ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप को लेकर भी इसी तरह की समस्या होने की शिकायत की.
व्हाट्सऐप में लोगों को फ़ोटो, वीडियो या अन्य अटैचमेंट भेजने में दिक्कत का सामना करना पड़ा.
फ़ेसबुक का कहना है कि यह दिक्कत DDos अटैक के कारण नहीं हुई है. जब कभी हैकर किसी वेबसाइट पर नकली ट्रैफ़िक भेजते हैं तो सर्वज़ पर बोझ पड़ने के कारण वह वेबसाइट स्लो या ठप हो जाती है.
इसे डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑप सर्विस अटैक या DDos अटैक कहा जाता है.
डाउनडिटेक्टर नाम की वेबसाइट ने दावा किया है कि दुनिया भर में फ़ेसबुक पर आउटेज की समस्या से जूझ रहे यूज़र्स की संख्या 11 हज़ार से ज़्यादा है. इस वेबसाइट पर आकर लोग वेबसाइटों और एप्स में होने वाली दिक्कतों को रिपोर्ट कर सकते हैं.
जब फ़ेसबुक पर दिक्कत हुई तो बहुत सारे यूज़र्स ने ट्विटर का रुख़ किया और वहां स्क्रीनशॉट शेयर करके बताया कि क्या समस्या हो रही है.
अभी भी बहुत सारे लोग शिकायत कर रहे हैं उनकी समस्या बनी हुई है. फ़ेसबुक की ओर से भी दिक्कत दूर होने की पुष्टि नहीं की गई है.
बीबीसी के संवाददाताओं को भी फ़ेसबुक और व्हाट्सएप पर दिक्कत का सामना करना पड़ा है.
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फ़ेसबुक समूह के इन तीनों प्लैटफॉर्म्स को इस्तेमाल करने वाले कई यूज़र्स ने फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के सही ढंग से काम न करने की शिकायत की है.
अभी भी समस्या पूरी तरह से हल नहीं हुई है और लोग अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर इस बारे में लिख और पोस्ट कर रहे हैं.
फ़ेसबुक ने माना है कि कुछ लोगों को फ़ेसबुक के एप्लिकेशंस को इस्तेमाल करने में दिक्कत हो ही है.
फ़ेसबुक की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है, "हम अवगत हैं कि कुछ लोगों को फ़ेसबुक से जुड़े एप्स को इस्तेमाल करने में दिक्क्त हो रही है. हम यथाशीघ्र इस समस्या को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं."
बता दें कि फ़ोटो और वीडियो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम और मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप का मालिकाना हक फ़ेसबुक के पास ही है.
क्या है दिक्कत
ऐसा नहीं है कि पूरी तरह ही लोग फ़ेसबुक को इस्तेमाल नहीं कर पाए. शुरू में तो फ़ेसबुक यूज़र्स ने शिकायत की कि उन्हें फ़ेसबुक इस्तेमाल करने में दिक्कत हो रही है.
कुछ लोग लॉगइन नहीं कर पाए, कुछ लोगों की न्यूज़ फ़ीड ख़ाली थी तो कुछ पेज और प्रोफ़ाइल्स एक्सेस नहीं हो पा रही थीं.
यह समस्या स्मार्टफ़ोन एप्स पर ही नहीं बल्कि डेस्कटॉप ब्राउज़र्स पर भी देखी गई.
बाद में यूज़र्स ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप को लेकर भी इसी तरह की समस्या होने की शिकायत की.
व्हाट्सऐप में लोगों को फ़ोटो, वीडियो या अन्य अटैचमेंट भेजने में दिक्कत का सामना करना पड़ा.
फ़ेसबुक का कहना है कि यह दिक्कत DDos अटैक के कारण नहीं हुई है. जब कभी हैकर किसी वेबसाइट पर नकली ट्रैफ़िक भेजते हैं तो सर्वज़ पर बोझ पड़ने के कारण वह वेबसाइट स्लो या ठप हो जाती है.
इसे डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑप सर्विस अटैक या DDos अटैक कहा जाता है.
डाउनडिटेक्टर नाम की वेबसाइट ने दावा किया है कि दुनिया भर में फ़ेसबुक पर आउटेज की समस्या से जूझ रहे यूज़र्स की संख्या 11 हज़ार से ज़्यादा है. इस वेबसाइट पर आकर लोग वेबसाइटों और एप्स में होने वाली दिक्कतों को रिपोर्ट कर सकते हैं.
जब फ़ेसबुक पर दिक्कत हुई तो बहुत सारे यूज़र्स ने ट्विटर का रुख़ किया और वहां स्क्रीनशॉट शेयर करके बताया कि क्या समस्या हो रही है.
अभी भी बहुत सारे लोग शिकायत कर रहे हैं उनकी समस्या बनी हुई है. फ़ेसबुक की ओर से भी दिक्कत दूर होने की पुष्टि नहीं की गई है.
बीबीसी के संवाददाताओं को भी फ़ेसबुक और व्हाट्सएप पर दिक्कत का सामना करना पड़ा है.
Friday, March 1, 2019
अभिनंदन की वतन वापसी के बाद क्या-क्या होगा
पाकिस्तान के कब्ज़े में मौजूद भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को आज भारत को सौंपा जाएगा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा था कि उन्हें शुक्रवार को भारत को सौंप दिया जाएगा.
पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर हवाई हमला किया था. इस हमले के जवाब में पाकिस्तान ने भी 27 फरवरी को भारत पर हवाई कार्रवाई की थी.
भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी. इसमें अभिनंदन मिग 21 लेकर उड़े थे लेकिन पाकिस्तानी एयरफ़ोर्स के हमले में विमान पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में गिर गया.
यहां अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया था. इसके बाद से उन्हें वापस लाने के लिए भारत की तरफ से प्रयास चल रहे थे.
विंग कमांडर अभिनंदन को वाघा बॉर्डर से भारत लाया जा रहा है. उनके माता-पिता भी उन्हें लेने वाघा बॉर्डर लेने जा रहे हैं. जिनेवा कन्वेंशन के तहत किसी भी युद्धबंदी को एक हफ़्ते के अंदर रिहा करना होता है और उसे एक तय प्रक्रिया के अनुसार उसके देश को सौंपा जाता है.
अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने से पहले और बाद में क्या-क्या प्रक्रिया होगी इसके बारे में बीबीसी संवाददाता गुरप्रीत सैनी ने बात की मेजर जनरल राज मेहता से. उन्होंने जो कुछ बताया, वो इस प्रकार है-
सबसे पहले इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी अभिनंदन को अपने साथ ले कर जाएगी और उनकी पूरी जांच की जाएगी. ये जांच ये आंकने के लिए किया जाएगा कि उन्हें किसी तरह का जिस्मानी नुकसान तो नहीं हुआ है.
उन्हें किसी तरह के कोई ड्रग्स दिये गये हों और शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना दी गई हो, तो जिनेवा कन्वेंशन के तहत जांच करना ज़िम्मेदारी बनती है. इसके दस्तावेज़ तैयार किये जाएंगे और उसके बाद भारतीय वायु सेना को सुपुर्द किए जाएंगे.
भारत आने के बाद वायु सेना अपनी मेडिकल टीम से सबसे पहले उनकी 100 प्रतिशत जांच कराएगी. अब तक इसके लिए उनके विशेषज्ञ नियुक्त भी कर दिए गए होंगे.
उसके बाद विंग कमांडर से बातचीत होगी. इंटेलिजेंस डीब्रीफिंग होगी कि आपके साथ क्या हुआ, कैसा हुआ, वो पूरी तहकीकात की जाएगी.
पाकिस्तान में कैसा व्यवहार हुआ, उन्होंने क्या पूछा और क्या बातचीत हुई, ये सब कार्रवाई होगी. फिर सरकार को रिपोर्ट पेश किया जाएगी.
अगर भारत ये सोचता है कि कुछ आपत्तिजनक चीजें हुई हैं तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश किया जाएगा.
अभिनंदन भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर हैं. उनके पिता भी एयरफ़ोर्स में ही थे और उनके भाई भी एयरफ़ोर्स में ही हैं. अभिनंदन 2004 में सेना में शामिल हुए थे.
अभिनंदन के पाकिस्तान के क़ब्ज़े में आने पर भारत के सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही थी.
उनके जो शुरुआती वीडियो पाकिस्तान से आए थे उनमें वो ज़ख़्मी दिख रहे थे और उनके चेहरे पर ख़ून फैला हुआ था.
वहीं, एक वीडियो में अभिनंदन को कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे थे. एक अन्य वीडियो में अभिनंदन की आंखों पर पट्टी थी और वो कह रहे थी, "मेरा नाम विंग कमांडर अभिनंदन है. मेरा सर्विस नंबर 27981 है. मैं एक फ्लाइंग पायलट हूं और मैं हिन्दू हूं."
इसके बाद पाकिस्तान की ओर से एक वीडिया जारी किया गया था जिसमें अभिनंदन कह रहे थे कि पाकिस्तानी सेना ने उनके साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया है और वो पूरी तरह ठीक हैं.
पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर हवाई हमला किया था. इस हमले के जवाब में पाकिस्तान ने भी 27 फरवरी को भारत पर हवाई कार्रवाई की थी.
भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी. इसमें अभिनंदन मिग 21 लेकर उड़े थे लेकिन पाकिस्तानी एयरफ़ोर्स के हमले में विमान पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में गिर गया.
यहां अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया था. इसके बाद से उन्हें वापस लाने के लिए भारत की तरफ से प्रयास चल रहे थे.
विंग कमांडर अभिनंदन को वाघा बॉर्डर से भारत लाया जा रहा है. उनके माता-पिता भी उन्हें लेने वाघा बॉर्डर लेने जा रहे हैं. जिनेवा कन्वेंशन के तहत किसी भी युद्धबंदी को एक हफ़्ते के अंदर रिहा करना होता है और उसे एक तय प्रक्रिया के अनुसार उसके देश को सौंपा जाता है.
अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने से पहले और बाद में क्या-क्या प्रक्रिया होगी इसके बारे में बीबीसी संवाददाता गुरप्रीत सैनी ने बात की मेजर जनरल राज मेहता से. उन्होंने जो कुछ बताया, वो इस प्रकार है-
सबसे पहले इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी अभिनंदन को अपने साथ ले कर जाएगी और उनकी पूरी जांच की जाएगी. ये जांच ये आंकने के लिए किया जाएगा कि उन्हें किसी तरह का जिस्मानी नुकसान तो नहीं हुआ है.
उन्हें किसी तरह के कोई ड्रग्स दिये गये हों और शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना दी गई हो, तो जिनेवा कन्वेंशन के तहत जांच करना ज़िम्मेदारी बनती है. इसके दस्तावेज़ तैयार किये जाएंगे और उसके बाद भारतीय वायु सेना को सुपुर्द किए जाएंगे.
भारत आने के बाद वायु सेना अपनी मेडिकल टीम से सबसे पहले उनकी 100 प्रतिशत जांच कराएगी. अब तक इसके लिए उनके विशेषज्ञ नियुक्त भी कर दिए गए होंगे.
उसके बाद विंग कमांडर से बातचीत होगी. इंटेलिजेंस डीब्रीफिंग होगी कि आपके साथ क्या हुआ, कैसा हुआ, वो पूरी तहकीकात की जाएगी.
पाकिस्तान में कैसा व्यवहार हुआ, उन्होंने क्या पूछा और क्या बातचीत हुई, ये सब कार्रवाई होगी. फिर सरकार को रिपोर्ट पेश किया जाएगी.
अगर भारत ये सोचता है कि कुछ आपत्तिजनक चीजें हुई हैं तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश किया जाएगा.
अभिनंदन भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर हैं. उनके पिता भी एयरफ़ोर्स में ही थे और उनके भाई भी एयरफ़ोर्स में ही हैं. अभिनंदन 2004 में सेना में शामिल हुए थे.
अभिनंदन के पाकिस्तान के क़ब्ज़े में आने पर भारत के सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही थी.
उनके जो शुरुआती वीडियो पाकिस्तान से आए थे उनमें वो ज़ख़्मी दिख रहे थे और उनके चेहरे पर ख़ून फैला हुआ था.
वहीं, एक वीडियो में अभिनंदन को कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे थे. एक अन्य वीडियो में अभिनंदन की आंखों पर पट्टी थी और वो कह रहे थी, "मेरा नाम विंग कमांडर अभिनंदन है. मेरा सर्विस नंबर 27981 है. मैं एक फ्लाइंग पायलट हूं और मैं हिन्दू हूं."
इसके बाद पाकिस्तान की ओर से एक वीडिया जारी किया गया था जिसमें अभिनंदन कह रहे थे कि पाकिस्तानी सेना ने उनके साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया है और वो पूरी तरह ठीक हैं.
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